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VIDEO: ISRO के नाम एक ओर इतिहास दर्ज, बदलने वाली हैं इंटरनेट की दुनिया!

नई दिल्ली: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन इसरो ने बुधवार को जीसैट-29 सैटेलाइट का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण किया। जीसैट-29 सैटेलाइट इस साल इसरो द्वारा किया गया पांचवा लॉन्च है जिसे श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर से जीएसएलवी माक-3 रॉकेट की मदद से प्रक्षेपित किया गया है।

ISRO launched GSAT-29 Satellite

आपको बता दें कि जीसैट-29 सैटलाइट भारत द्वारा लॉन्च किया गया अब तक का सबसे भारी सैटेलाइट है, जिसके वजन 3423 किलोग्राम है। इस रॉकेट में दुनिया के दूसरे सबसे बड़े बूस्टर S200 का इस्तेमाल किया गया। बताया जाता है कि यह हाईथ्रोपुट कम्युनिकेशन सैटेलाइट है।

सैटेलाइट में लगे ऑपरेशनल पेलोड्स डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के तहत जम्मू-कश्मीर के साथ-साथ उत्तर-पूर्वी राज्यों को बेहतर सेवा मुहैया करा सकेगहा। साथ ही इन क्षेत्रों में हाईस्पीड इंटरनेट में काफी मदद मिलेगी। बताया जाता है कि जीसैट-29 नई स्पेस तकनीक को टेस्ट करने के लिए एक सफल प्लैटफॉर्म होगा।

गौर हो कि GSAT-29 को जिस जीएसएलवी-एमके 2 रॉकेट की मदद से लॉन्च किया गया है, उसका निर्माण पूरी तरह से भारत में हुआ है। जिसका वजन 640 टन है और यह भारत का सबसे वजनी रॉकेट है। इसकी ऊंचाई 13 मंजिल की बिल्डिंग के बराबर है जो चार टन तक के उपग्रह को लॉन्च कर सकता है।

जीसैट-29 सैटेलाइट को लेकर इसरो प्रमुख ने बताया कि, इसके साथ ऑपरेशनल पेलॉड्स के साथ-साथ तीन प्रदर्शन प्रौद्योगिकियों, क्यू ऐंड वी बैंड्स, ऑप्टिकल कम्युनिकेशन और एक हाई रेजॉल्यूशन कैमरा भी भेजा गया है। लॉन्चिंग के बाद इसे यह पृथ्वी से 36,000 किमी दूर जियो स्टेशनरी ऑर्बिट में स्थापित किया गया है। जो देश के दूरदराज के इलाकों में हाई स्पीड डेटा ट्रांसफर में मददगार साबित होगा।