Point2point

खबरों का नया अंदाज!

ये हैं दुनिया की पहली महिला इंजीनियर, विश्व युद्ध के दौरान हुआ प्यार और फिर…

नई दिल्ली: दुनिया की सबसे बड़ी सर्च इंजन गूगल ने 10 नवंबर को अपने एक खास डूडल के माध्यम ने  एलिसा लियोनिडा जैम्फिरेस्क्यू को याद किया है। आज एलिसा की 131वीं जयंती है, इस खास अवसर पर गूगल ने उन्हें याद किया और पूरी दुनिया उन्हें याद कर रही है।

Elisa Leonida Zamfirescu doodles
Google

लेकिन क्या आप जानते हैं एलिसा लियोनिडा जैम्फिरेस्क्यू कौन थी? अगर आपक जवाब नहीं है तो परेशान न हों, क्योंकि आज एलिसा के जन्मदिन के शुभ अवर पर उन्हें याद करते हुए उनसे जुड़ी कुछ खास बाते बता रहे हैं। यहां सबसे पहले बता दें कि एलिसा की दुनिया की पहली महिला इंजीनियर के तौर पर की जाती हैं।

10 नवंबर 1887 को रोमानिया के गलाटी शहर में जन्मी एलिसा जनरल एसोसिएशन ऑफ रोमेनियन इंजीनियर्स की पहली महिला सदस्य थीं। बता दें कि ये बाद उस समय की है जब रोमेनिया में महिला को पढ़ाई करना काफी कठिन होता था, लेकिन इस मुश्किल घड़ी में भी एलिसा ने पढ़ाई पूरी की और दुनिया की पहली महिला इंजीनियर बनीं।

131 birthday of world first women engineer Elisa Leonida Zamfirescu

उन्होंने स्कूली शिक्षा बुचारेस्ट में ली और फिर आगे की पढ़ाई के लिए कॉलेज दाखिला लेना चाहती थीं, जिसके लिए में आवेदन भी किया, लेकिन भेदभाव के कारण उनका आवेदन रद्द कर दिया गया। इसके बाद उन्होंने फिर से प्रयास किया और जर्मनी की रॉयल टेक्निकल एकेडमी में दाखिला लेने के लिए अपलाई किया।

इस बीच साल 1909 में उनका आवेदन एप्लीकेशन स्वीकार किया गया, जिसके बाद अन्य कई बाधाओं को पार करते हुए उन्हेंन साल 1912 में इंजीनियरिंग से ग्रेजुएशन किया और डिग्री भी प्राप्त की। जिसके बाद उन्होंने अपने करियर का आरंभ करते हुए जिऑलॉजिकल इंस्टिट्यूट में असिस्टेंट के तौर पर काम किया।

बताया जाता है कि इस दौरान विश्व युद्ध चल रहा था जब उनकी मुलाकात कॉन्सटैंटिन जमिफरसको से हुई। इनके बीच पहली मुलाकात में ही प्यार हो गया, जिसके कुछ समय बाद दोनों ने शादी कर लिया और कुछ समय बाद एक बेटी का जन्म हुआ और इसके कुछ समय बाद एलिसा ने एक और बेटी को जन्म दिया।

एलिसा का निधन 25 नवंबर 1973 में बुचारेस्ट में हुआ था, जिनके याद में रोम सरकार ने साल 1993 में एक गली का नाम उनके नाम पर रखा है। आप को बता दें कि मैत से पहले  एलिसा ने रोमानिया में कोयला, क्रोमियम, बॉक्साइट और कॉपर पर शोध करने के लिए भी खास तौर पर जानी जाती हैं।