Point2point

खबरों का नया अंदाज!

नक्सली हमलों के बीच छत्तीसगढ़ में 12 नवंबर को वोटिंग, 1 लाख जवान तैनात

रायपुर: भाजपा शासित राज्य छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के तहत सोमवार 12 नवंबर को पहले चरण के लिए वोटिंग होनी है। चुनाव से पहले राज्य में हो रहे माओवादी हमलों को बीच शांतिपूर्वक चुनाव संपन्न कराना सुरक्षा बल के लिए बड़ी चुनौतियों में से एक है। लोकतंत्र में चुनाव पर्व की तरह होते हैं, लेकिन नक्सल प्रभावित छत्तीसगढ़ में चुनावी प्रक्रियों को चोट पहुंचाने के इरादे से माओवादियों ने पिछले 15 दिनों में तीन बड़ी घटनाओं को अंजाम दिया।

1 lakh soldiers posted in Chhattisgarh for assembly election 2018
File Photo

राज्य में माओवादी हमले के बीच मतदान के लिए मतदान दलों को सुरक्षित पहुंचाना और शांतिपूर्वक चुनाव संपन्न कराने के इरादे से सुरक्षा बल के करीब एक लाख जवानों की तैनाती की गई है। चुनावी सुरक्षा में तैनात अधिकारियों की माने तो शांतिपूर्वक मतदान करा कर मतदान में शामिल कर्मियों की सुरक्षित लौटाना और मतदाताओं की सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती है।

पुलिस के आलाधिकारी के अनुसार, शांतिपूर्ण मतदान संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। राज्य के नक्सल प्रभावित अंदरूनी क्षेत्रों के लिए 650 मतदान दलों को हेलीकाप्टर से भेजा गया है। इन क्षेत्रों में मतदान दलों को सुरक्षित पहुंचा दिया गया है। इस काम में भारतीय वायु सेना, सीमा सुरक्षा बल और निजी हेलीकाप्टरों की भी मदद ली गई है।

 

वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, राज्य में शांतिपूर्ण मतदान के लिए सुरक्षा बलों की 650 कंपनियां आई है। इसके अलावा यहां पहले से बड़ी संख्या में सुरक्षा बल के जवान तैनात हैं। सभी को चुनाव कार्य में लगा दिया गया है। साथ ही सुरक्षा बल के सभी जवानों को नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पूरी सतर्कता बतरने को कहा गया है। इसके लिए उन्हें प्रशिक्षित भी किया गया है।

सुरक्षा बल से कहा गया है कि वह किसी भी प्रकार के सामान को लाने या अन्य कार्यों के लिए सड़क का उपयोग तब तक नहीं करें जब तक क्षेत्र में रोड ओपनिंग पार्टी न लगी हो या क्षेत्र को बारूदी सुरंगों से रहित न किया गया हो। पुलिस के अनुसार चुनावी क्षेत्रों में बारूदी सुरंग लगे होने की खबरें लगातार आ रही है। माओवादी चुनाव में बारूदी सुरंग लगाकर ही गड़बड़ी फैलाने का प्रयास कर रहे हैं।